लापरवाही पड़ेगी भारी...पैंठ से लेकर बाजार तक टूट रहे नियम देखें वीडियो


रिपो० निखिल शर्मा 

उल्लंघन और अनदेखी हमारी ये आदतें कोरोना महामारी के दौर में पूरे कस्बा को कहीं संकट में न डाल दें। जी हां... कोरोना काल में जहां बाजारों को सुबह सात बजे से ग्यारह बजे तक व शाम को पांच बजे से आठ बजे तक खोलने के आदेश हैं, हर सख्त को मास्क लगाना जरूरी है, वहीं जान जोखिम में डालने वाला ये नजारा इन दिनों अलीगढ़ के हरदुआगंज कस्बा में थाने के ही सामने लग रहे पैंठ बाजार में देखने को मिल रहा है। सोमवार को सुबह से शुरू हुई पैंठ में शासन प्रशासन का कोई नियम लागू नहीं था। दुकानदारों के साथ लोग बड़ी संख्या में बगैर मास्क भीड़ जुटाए हुए थे। 

जिला हाथरस के नवीपुर खुर्द निवासी मुजम्मिल खां पुत्र मोहम्मद सद्दीक के नाम से हरदुआगंज के पूर्व चेयरमैन रहे गिरीश शर्मा के खेत में पैंठ लगाने की कार्यालय उप-जिलाधिकारी कोल अलीगढ़ के पत्रांक संख्या 43(29) एस०टी० पर सात नबंवर 2020 के अनुमति पत्र का हवाला देते हुए ठेकेदार ने सोमवार सुबह से ही दैनिक उपयोग के सामान व कपड़ों के स्टाल लगवाना शुरू कर दिया, यहां सामान बेचने अलीगढ़ से लेकर हाथरस तक के दुकानदार आ गए। वहीं पैंठ में बड़ी संख्या उमड़ी महिला पुरूषों की भीड़ के बीच बिना मास्क लगाए बैठे दुकानदार व खरीददारों के बीच मची होड़ आफत बन सकती है। कोरोना महामारी के दौर में प्रशासन द्वारा जारी गाइड लाइन पालन कराने एवं नियम तोडऩे वालों पर सख्ती बरतने का जिम्मा स्थानीय पुलिस व नगर पंचायत प्रशासन का है, मगर दोनों ही बेफिक्र हैं और सरकारी आदेश महज कागजी साबित हो रहे हैं।  इस पैंठ बाजार में जुटती भीड़ को देखकर चिंतित जागरूकजनों के थाने शिकायत की तो पुलिस पहुंची थानाध्यक्ष बजाय सख्ती व कार्रवाई के वहां नियमों का हवाला देकर लौट गए। इस मुश्किल दौर में मानव जीवन के अस्तित्व पर मंडराते हुए संकट के बीच जहां पूरे शहर का जन जीवन कमरों में कैद होने की तैयारी में है वहां खतरनाक बन चुके कोरोना की अनदेखा करना भयंकर खतरे की निशानी है।

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बाजार में भी खुल रहीं दुकानें, पुलिस के एलाउंसमेंट का असर बेअसर 

कारोना संकट काल में जहां बाजारों की दुकान खोलने का समय निर्धारित होने के बावजूद पूरे दिन दुकानें खुल रही है वहीं भीड़ जुटने, मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने पर एक हजार रूपये का चालान काटने के आदेश है, पुलिस प्रशासन इन नियमों का पालन कराने में नाकाम हैं।

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