वो बच्चा... लट्ठ लगते ही मां को पुकारता है.. देखें वीडियो



रिपो० निखिल शर्मा 

उस तेरह साल के बच्चे का गुनाह इतना था कि एक दोस्त के साथ शनिवार को हरदुआगंज की ओर निकल आया था..उसे क्या पता था कि चुनावी समर में आचार संहिता का सौ फीसदी पालन करवा चुके, दारोगा जी अब कोरोना बंदी सफल बनाने को कमर कसे  खड़े हैं, बाइक रुकवाई तो उनकी 13 साल के बच्चे में बाइक चोर दिखने की पारखी नजर जाग उठी, दारोगा जी ने बच्चे से पूछताछ शुरू कर दी, ये देख साथी युवक भाग लिया...मासूम बच्चे की फूटी किस्मत, दारोगा जी की रौबदार आवाज के तीखे सवालों पर वह हड़बड़ा गया, फिर क्या था चंद मिनटों में हवालात के अंदर खड़ा था, यहां दो दिनों से दारोगा जी उस 13 साल के बच्चे पर लाठी बरसाकर ये पूछ रहे थे कि बता किसकी बाइक चुराने आया था, उस बच्चे के पास शब्द नहीं थे, वह बस हर लट्ठ पर मां को पुकारता था...ये कोई काल्पनिक अंर्तमन की उपज नहीं बल्कि हरदुआगंज थाने के हवालात में दरोगा जी की लाठी का सामना करते मासूम की सच्चाई  है, कहानी जवां थाना क्षेत्र के गांव कस्तली पला निवासी भीम पुत्र कांतिप्रसाद की है...उम्र 13 साल गांव के स्कूल में आठवीं का छात्र है भीम ने बताया कि शनिवार सुबह कोरोना बंदी के बीच गांव के युवक के साथ बाजार से खाने पीने का सामान लेने की चाहत में निकल लिया था, दुकानें बंद मिली तो साथी ने हरदुआगंज की ओर बाइक मोड़ दी, मगर सपने में भी नहीं सोचा होगा कि 24 घंटे से अधिक समय हवालात में किसी बड़े अपराधी की तरह पिटता रहेगा, रविवार दोपहर को भी दारोगा इसी पर लट्ठ बरसा रहे थे, बच्चे की करुण चीख सुनकर थाने आए फरियादी सहमे खड़े थे, पत्रकारों का कैमरा उस ओर मुड़ा तो पुलिस की बनावटी कहानी की बुनियाद हिल गई और सारे गुनाह माफ, चंद मिनटों में भीम को हवालात से बाहर निकाल थाने से भेज दिया गया, ये तस्वीर बताती है कि बेधडक़ वर्दी वाले मनमानी के पथ पर किस हद तक चल रहे हैं, सत्यमेव जयते के संदेशों से सजे थानों में क्या क्या होता है, यह पुलिस से पाला पडऩे वाला ही जानता है। भीम तो एक मासूम बच्चा था उसका भी मानवाधिकार है, गलती की थी तो उसे डांट फटकार दिया जाता, मगर सच के सवाल से ज्यादा मजबूत पुलिस के पास झूठ की ढ़ाल है।

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