अलीगढ़ | हरदुआगंज: क्रय केंद्र पर खरीद बंद, बारिश में भीग रहा हजारों कुंतल गेहूं

 


रिपो० निखिल शर्मा

देश के हलधरों को जहां सरकार सम्मान निधि देने के साथ दोगुनी आय करने का दावा कर रही है उन्हीं किसानों को सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने में लोहे के चना चबाने पड़ रहे हैं, सरकार की करनी ओर करनी के फर्क अलीगढ़ के कस्बा हरदुआगंज के क्रय केंद्र पर देखने को मिल रहा है जहां कभी वारदाना खत्म होने तो कभी बोरी का उठान न होने से किसान हलकान हैं तो दर्जनों किसान लाइन लगाए खड़े है। वहीं केद्र पर बदइंतजामी के चलते हजारों कुंतल गेहूं बारिश में भीग रहे हैं। 


हरदुआगंज कस्बा में चार क्रय केंद्र संचालित है, जिनमें दो पीसीएफ व दो खाद्य विभाग के हैं, बीते दो दिनों से हो रही बारिश के बीच बुधवार को समाचार दर्पण प्रतिनिधि ने बुधवार को हरदुआगंज के ग्रेटर अलीगढ़ कालौनी में संचालित क्रय केंद्र का जायजा लिया, जहां करीब दो दर्जन से अधिका ट्रैक्टर टॉली तुलाई के इंतजार में खड़े थे, वहीं करीब ढाई हजार कुंतल गेहूं बारिश के बीच खुले पर पड़ा था जो बारिश में भीग रहा था, क्रय केंद्र संचालक मुन्नालाल ने बताया कि बीते कई दिनों से लदान नहीं हो सका, इसी बीच वारदाना खत्म हो गया, जिससे कई दिन तुलाई भी बंद रही है। वहीं अन्य क्रय केंद्रों का भी ऐसा ही हाल है, मंडी के क्रय केंद्र पर किसान व पल्लेदारों के बीच टकराव की वजह भी अव्यवस्था ही है, किसान आशीष कुमार ने बताया कि तीन दिन से गेंहू तोल के इंतजार में खड़े हैं, चेहरे पर गुस्से के भाव लाते हुए आगे बोले कि सरकार के पास साधनों की क्या कमी लेकिन प्राइवेट संस्थाओं को खरीद का जिम्मा दिया जाता है अफसर उनकी निगरानी करते है जो केंद्रों पर आकर चाय नास्ता करके ऊपर सबकुछ सही की रिपोर्ट देते है,  कोरोना महामारी के बीच जहां जिम्मेदार सभी व्यवस्था दुरुस्त होने के कागजी दावे कर रहे हैं वहीं क्रय केंद्रों पर फैली अव्यवस्था किसानों का गुस्सा बढ़ा रही है।

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