बुलंदशहर।पूरे प्रदेश में हर तरफ धूमधाम से बनाया गया है फूलन देवी शहादत दिवस
बुलंदशहर।पूरे प्रदेश में हर तरफ धूमधाम से बनाया गया है फूलन देवी शहादत दिवस ब्यूरो ललित चौधरी वीरांगना फूलन देवी के जीवन काल का इतिहास :- 10 अगस्त 1963 को यूपी में जालौन के घूरा का पुरवा में फूलन का जन्म हुआ था. गरीब और ‘छोटी जाति’ में जन्मी फूलन में पैतृक दब्बूपन नहीं था. उसने अपनी मां से सुना था कि चाचा ने उनकी जमीन हड़प ली थी. दस साल की उम्र में अपने चाचा से भिड़ गई. जमीन के लिए. धरना दे दिया. चचेरे भाई ने सर पे ईंट मार दी. ठाकुरों के गैंग ने फूलन को किडनैप कर बेहमई में 3 हफ्ते तक बलात्कार किया, उसके बाद अपने गिरोह के साथ फूलन देवी ने बेहमई गांव के 22 लोगों को लाइन में खड़ा कर मार दिया था. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के सामने. उन पर 22 हत्या, 30 डकैती और 18 अपहरण के चार्जेज लगे. 11 साल रहना पड़ा जेल में. मुलायम सिंह की सरकार ने 1993 में उन पर लगे सारे आरोप वापस लेने का फैसला किया. राजनीतिक रूप से ये बड़ा फैसला था. सब लोग बुक्का फाड़कर देखते रहे. 1994 में फूलन जेल से छूट गईं. उम्मेद सिंह से उनकी शादी हो गई. 1996 में फूलन देवी ने समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ा और जीत गईं. मिर्जापुर से सांसद बनीं और 1998 में हार गईं, पर फिर 1999 में वहीं से जीत गईं। शिकारपुर ब्ल…