बुलंदशहर। कोतवाली में तैनात इंस्पेक्टर अजय यादव पर लगे गंभीर आरोप, किया निलंबित


ब्यूरो ललित चौधरी

अलीगढ़ के कारोबारी को बुलंदशहर में तैनात एक इंस्पेक्टर अपने साथियों के साथ अपरहण कर ले गए. कारोबारी के साथ मारपीट की गई. मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद रास्ते में उसे छोड़कर फरार हो गए. फिलहाल कारोबारी की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है. जबकि इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया है।


बताया गया कि तालानगरी सेक्टर एक में अभिषेक तिवारी की नेहा फूड़ फैक्ट्री है. आरोप है कि गुरुवार रात एक स्कॉरपियों से सात-आठ लोग फैक्ट्री में आए और आते ही अभिषेक तिवारी को बाहर बुलाकर मारपीट करने लगे. आरोप है कि विरोध करने पर राजीव शर्मा नाम के एक व्यक्ति ने उनपर रिवाल्वर तान दी. आरोप के मुताबिक साथ में आये बुलंदशहर कोतवाली में तैनात इंस्पेक्टर अजय यादव समेत अन्य लोगों ने उसके गुप्तांग पर भी लात से मारा. जब इस मामले की सूचना स्थानीय चौकी प्रभारी हरेंद्र को मिली तो वो मौके पर पहुंच गए. अजय कुमार ने खुद को बुलंदशहर कोतवाली का इंस्पेक्टर बताया और इसे पुलिस कार्रवाई बतााई।


इसके बाद चौकी प्रभारी को वहां से हटा दिया गया, आरोप है कि रास्ते में भी आरोपियों ने अभिषेक तिवारी के साथ मारपीट की. अपहरण के बाद परिजनों ने ताला नगरी चौकी प्रभारी हरेंद्र से पता चला कि एक व्यक्ति इंस्पेक्टर है। परिजनों ने आईजी मेरठ से बुलंदशहर पुलिस की इस कार्रवाई की बाबत पूछा तो उन्होंने इस तरह की किसी कार्रवाई से इनकार किया. मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचते ही इंस्पेक्टर ने खुद को फंसता देखकर स्कॉरपियों को कई घंटें बाद वापस हरदुआगंज थाने लाया और अभिषेक को फेंक कर फरार हो गया.


हालांकि करीब ढ़ाई बजे पीडित ने हरदुआगंज में तीन नामजद राजीव शर्मा, अमित अरोड़ा, अजय कुमार समेत आठ अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है. वहीं इस मामले में आईजी के निर्देश पर बुलंदशहर के एसएसपी ने इंस्पेक्टर को दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. बताया गया कि अजय कुमार यादव बुलंदशहर कोतवाली में इंस्पेक्टर क्राइम के पद पर तैनात है, इंस्पेक्टर अजय यादव खिलाफ धारा 147, 148, 323, 506, 364 में केस दर्ज किया गया है।

ये है मामला

तीन माह पूर्व उद्योगपति अभिषेक तिवारी के खिलाफ नगर के ही एक व्यक्ति ने जालसाजी कर ठगी करने का मुकदमा पंजीकृत कराया था। इस पर अवैध वाहन कटान का आरोप है। इस मामले में सात वर्ष से कम सजा होने के बावजूद आरोपित इंस्पेक्टर ने पीड़ितों से साज की और दबिश देने गैर जनपद चले गए। इसकी जानकारी नगर कोतवाली प्रभारी अथवा आलाधिकारियों को भी नहीं दी गई। हरदुआगंज थाने को भी कोई सूचना नहीं दी गई थी। जब फैक्ट्री के बाहर पुलिस की भीड़ जुटी, तब जाकर किसी ने सूचना दी कि उद्योगपति को अगवा कर ले जाया जा रहा है। तालानगरी चौकी प्रभारी दारोगा हरेंद्र सिंह पहुंच गए, जिन्हें एक व्यक्ति ने खुद को बुलंदशहर कोतवाली इंचार्ज बताते हुए अभिषेक को एक मुकदमे में गिरफ्तार करने की कहते हुए गाड़ी में डाल लिया।

नगर कोतवाली में तैनात इंस्पेक्टर अजय कुमार यादव द्वारा अलीगढ में पहुंचकर एक 420 और 406 धाराओं में दर्ज मुकदमे में दबिश देने बगैर अधिकारियों के संज्ञान में दिए ही गए। हालांकि इस मामले में गिरफ्तारी भी नहीं है, इंस्पेक्टर की भूमिका किसी निजी स्वार्थ के लिए करना प्रतीत हो रहा है। मेरठ रिपोर्ट भेजकर अजय कुमार यादव को निलंबित कर दिया गया है।

- संतोष कुमार सिंह, एसएसपी, बुलंदशहर

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