बुलंदशहर। बाल कल्याण समिति ने रूकवाई दो नाबालिग बेटियों की शादी, परिजनों से लिए शपथ पत्र

बुलंदशहर। बाल कल्याण समिति ने रूकवाई दो नाबालिग बेटियों की शादी, परिजनों से लिए शपथ पत्र
रिपो० राजेश शर्मा  बाल विवाह जैसी कुप्रथा को पूर्णतया बंद करने के लिए कानून बनाया गया है। इसके बावजूद समाज में इसका पालन नहीं हो रहा। बुलंदशहर। चाइल्ड लाइन की मदद से जिले में बेटियां बालिक वधू बनने से बच गई हैं। टीम ने कार्रवाई करते हुए ऊंचागांव एवं अनूपशहर में बेटियों की शादियों को मौके पर पहुंचकर रूकवा दिया गया है। बुधवार को फिर से दो नाबालिग बेटियों की शादियों को रोका गया। सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष का कहना है कि बुधवार को अहार और जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के एक गांव परिजन नाबालिग बेटी की शादी कर रहे थे, जब इसके बारे में सूचना मिली तो मौके पर टीम को भेजा गया। जांच पड़ताल करने पर पता चला कि बेटी नाबालिग है और परिजन आयु संबंधित पुख्ता दस्तावेज नहीं दिखा सके। एक बेटी की स्कूल द्वारा अलग-अलग जन्मतिथि दी गई है, इसके बारे में समिति अपनी जांच कर रही है। परिजनों ने शादी समारोह का पूरा इंतजाम कर लिया था। परिजन दोनों बेटियों के आयु संबंधित प्रमाण पत्र नहीं दिखा सके थे। बेटियों की काउंसिलिंग के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले में जांच के बाद परिजनों से शपथ पत्र लिए हैं। परिजन यदि नाबालिग बेटिय…