अलीगढ़ | अंडला के गाँव ककोला के जंगल में बने नलकूप पर दे दिया ठेका,दूर दूर तक नही है आबादी

अलीगढ़ | अंडला के गाँव ककोला के जंगल में बने नलकूप पर दे दिया ठेका,दूर दूर तक नही है आबादी
रिपो० निखिल शर्मा अलीगढ़ : जिले में मिलावटी शराब से मौतें होने के बाद से आबकारी विभाग की लापरवाही परत-दर-परत खुल रही है। अंडला क्षेत्र के ककोला में नलकूप पर ही ठेका उठा दिया गया। यह खेत में जंगल के पास है, जहां चारों ओर घने पेड़-पौधे हैं। यहां ट्यूबवेल की कोठरी है। बाहर एक छप्पर और तख्त पड़ा हुआ है। यहां रात में भी शराब बिकती थी। आबादी दूर-दूर तक नहीं है। ऐसे में सहज ही कोई अंदाजा लगा लेगा कि यहां पर नकली शराब का भी कारोबार खूब धधक रहा था। गांव के लोगों ने इस ठेके का कई बार विरोध भी किया, मगर ठेके को वहां से हटाया नहीं गया। देसी शराब के ठेका उठने में मुश्‍किल जिले में अक्सर देसी शराब के ठेका उठने पर मुश्किल आती है। क्योंकि इसमें प्रति महीने के हिसाब से कोटा तय होता है। लीटर के हिसाब से ठेकों पर शराब दी जाती है। ठेका उठते समय जितने लीटर शराब तय हो जाती है, पूरे सालभर उतने लीटर ही शराब ठेकदार को लेनी पड़ती है। कई बार शराब की बिक्री कम होती है मगर ठेकेदार उसे मना नहीं कर सकता है। आबकारी विभाग की ओर से भेजी गई शराब उसे लेनी ही पड़ती है। ऐसे में हर ठेकेदार ठेका ऐसी जगह लेना चाहता है जहां आबाद…