अलीगढ़ | हरदुआगंज क्षेत्र में कार और टेम्पो की भिड़ंत, चार घायल दो की मौत।

रिपो० निखिल शर्मा

हरदुआगंज : थाना  क्षेत्र के रामघाट रोड पर गांव सफेदपुरा के निकट शनिवार की देर रात कार और टेंपो की भिडंत हो गई हादसे में टेंपो सवार दो युवक की दर्दनाक मौत हो गई, घायलों में दो महिला एक मासूम बच्ची भी है जिनका उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है।

 जनपद हमीरपुर के थाना राठ इलाके के गांव केंथा के रहने वाले हरीशचंद्र उनकी पत्नी प्रेमवती और छोटा भाई हेमंत उसकी पत्नी मीना और उनकी बेटी पलक छह माह नरौरा क्षेत्र के एक भट्टे पर मजदूरी के लिए आए थे, शनिवार देर रात रोडवेज बस से गांधी पार्क बस स्टैंड पर पहुंचे । यहां से उन्होंने टेंपो किराए पर लिया।  टेंपो में चालक का एक साथी सवार था, वहीं अतरौली के गांव रायपुर दलपतपुर निवासी विनोद कुमार पुत्र अमर सिंह 45 वर्ष भी टेंपो में बैठ गए। विनोद कुमार हरियाणा की कपड़ा मिल में नौकरी करते है, लॉकडाउन के चलते घर आ रहे थे।



 रात करीब 12:30 बजे टेंपो सफेदपुरा गांव के निकट पहुंचा जहां अतरौली की तरफ से तेज रफ्तार में आती सेंट्रो कार व टेंपो जबरदस्त भिड़ंत हो गई, हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। इसी बीच टेंपो व कार चालक भाग गए। दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों के बीच रोड पर खड़े होने से आवागमन रुक गया, खबर पाकर थाना पुलिस मौके पर पहुंची क्षतिग्रस्त वाहनों को रोड से हटवाकर यातायात सुचारू कराते हुए घायल टेंपो सवारों को इलाज के लिए दो एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा। विनोद कुमार टेंपो चालक के साथी युवक की हालत नाजुक देख उन्हें मेडिकल रेफ़र दिया गया, मेडिकल में दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। भट्टा मजदूर दो पुरुष, उनकी पत्नियां व एक बच्ची इलाज के बाद चले गए। हल्का प्रभारी ने बताया कि मृतक विनोद कुमार के  स्वजन की ओर से तहरीर मिली है।

 सवारी भरकर दौड़ रहे टेंपो दे रहे कोरोना को न्यौता

कोरोना महामारी के संक्रमण की चैन तोड़ने के लिए लगे लॉक डाउन में आपातकालीन वाहनों को चलने की अनुमति है, बावजूद इसके रामघाट रोड पर दर्जनों टेंपो सामान्य दिनों की तरह सवारी लादकर फर्राटा भर रहे है, हरदुआगंज थाना चौराहे पर टेंपो की लाइन व क्षमता से अधिक सवारी लादकर दौड़ते टेंपो को देखकर आप हैरान रह जाएंगे, बिना मास्क व अन्य एहतियात के सवारी अंदर भरने के साथ लोगों  आसपास लटकाकर टेंपो दौड़ रहे हैं, इन्हें देखकर पुलिस भी मौन है।

एक टेंपो चालक से इस छूट की वजह जानी तो उसने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पहले हर टेंपो वाला पुलिस को क्षमता से अधिक सवारी लादने की छूट पाने को पांच सौ रुपए महीने चुकाने पड़ते थे, अब कोरोना काल मे टेंपो चलाने की छूट पाने को एक हजार रुपये सप्ताह वसूले जा रहे हैं, ऐसे में किराया भी दूना करना पड़ा है, वहीं इमरजेंसी में जाने वाली  सवारी गतंव्य तक पहुंचने की मुंहमांगी कीमत देती है। कोरोना काल मे जहां सबकुछ बंद है ऐसे में टेंपो चालक हादसे का सबब बनने के साथ कोरोना वाहक भी बन रहे हैं। थाने के सामने ही बने टेंपो स्टैंड पर जुटती भीड़ देख पुलिस आंखें बंद किए हुए है।


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