यूपी: पीएम मोदी को मिला टाइटल जिसकी एक बात नहीं, वो एक बाप की औलाद नहीं, जानिए पूरा मामला

 

ब्यूरो डेस्क, ललित चौधरी

अलीगढ़: एक तरफ़ आज जहां देश भर के किसान तीनों कृषि कानूनों के वापस होने पर ख़ुशी मना रहे है, वहीं दूसरी ओर अलीगढ़ में हिन्दू महासभा ने अपने कार्यालय से प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर को हटाकर वहां वीरसावरकर की फोटो लगा दी है।

हिन्दू महासभा के पदाधिकारियों का कहना है कि जिसकी बात एक नहीं, उसका बाप एक नहीं, इसलिए प्रधानमंत्री मोदी की फोटो को अपने कार्यालय से हटाया है। ऐसे राष्ट्र नेता की फ़ोटो कार्यालय में नहीं लगाएंगे जो अपनी बातों से पलट जाएं। आज कृषि कानून बिल को वापस लिया है, कल सीएए, एनआरसी व धारा 370 कानून भी वापस ले सकते है। हिन्दू महासभा ने कहा कि सरकार काफिरों के दबाव में है।



अखिल भारत हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव पूजा शकुन पांडे ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोर प्रशंसक थी और उनके किए गए कार्यों की कायल थी। लेकिन 14 महीनों बाद कृषि कानून को वापस लेना केवल राजनीति की गद्दी की चाहत में सिद्धांतों से समझौता करना है। उन्होंने कहा कि मुझे यह उम्मीद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नहीं थी। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक व प्रशासनिक कारणों से दबाव में हो, लेकिन राजा वही है जो सिद्धांतों से समझौता न करें। उन्होंने कहा कि अगर आज उन्होंने सत्ता में बने रहने के लिए समझौता कर लिया है तो इसका संदेश बहुत गलत जा रहा है। इससे काफिरों के हौसले बुलंद होंगे और आने वाले समय में धारा 370, सीएए- एनआरसी कानून को वापस ले सकते हैं। इस तरह की उम्मीद प्रधानमंत्री मोदी से नहीं थी।



वहीं अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक पांडे ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर हमने उस दिन लगाई थी। जब उन्होंने कश्मीर से धारा 370 हटाकर जम्मू कश्मीर में शांति स्थापित की थी। लेकिन जिस तरीके से सरकार ने तीनों कृषि कानून वापस लिए है, इससे लगता है कि सरकार आततायियों के आगे घुटने टेक दिए हैं। अब तक सरकार जिन किसानों को अलगाववादी, खालिस्तानी गुंडे कहती थी उनके दबाव में यह कानून वापस लिया है। कल को सीएए, एनआरसी और धारा 370 को भी वापस ले लेगी।

उन्होंने कहा कि अगर फिर से दिल्ली में सीएए-एनआरसी को लेकर लोग धरने पर बैठेंगे तो सरकार दबाव में यह कानून भी वापस ले लेगी। सरकार को अपनी कथनी और करनी में अंतर किया है। इससे समूचे देश का विश्वास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तोड़ है। इसलिए अपने कार्यालय से प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर को हटा दिया है और हमें ऐसे व्यक्ति से कोई उम्मीद नहीं है जो अपनी बातों से पलट जाए।