अलीगढ़ के हरदुआगंज थाना क्षेत्र में इंस्टाग्राम के जरिए एक छात्रा को कथित रूप से परेशान करने, बदनाम करने और धमकी देने का मामला आखिरकार मुकदमे तक पहुंच गया। खास बात यह रही कि पीड़िता द्वारा करीब एक सप्ताह पहले थाना पुलिस को तहरीर दिए जाने के बावजूद मामला ठंडे बस्ते में पड़ा रहा, लेकिन जैसे ही समाचार दर्पण लाइव ने खबर मीडिया और सोशल मीडिया पर प्रमुखता से प्रकाशित की, पुलिस हरकत में आ गई।
पीड़िता ने आरोप लगाया था कि एक युवक उसकी तस्वीरों का गलत इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर रहा है। साथ ही रास्ते में रोककर अभद्रता और धमकी देने के आरोप भी लगाए गए थे। परिवार का कहना था कि लगातार हो रही घटनाओं से छात्रा मानसिक दबाव में थी और उसने घर से बाहर निकलना तक कम कर दिया था।
मामले में मोड़ तब आया जब पीड़िता की शिकायत को लेकर खबर प्रकाशित की गई और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मुद्दा उठाया गया। इसके बाद अलीगढ़ पुलिस की ओर से जवाब देते हुए कहा गया कि “संबंधित थाना पुलिस को जांच हेतु निर्देशित किया गया है।” अगले दिन जानकारी मिली कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है
अब इलाके में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि अगर मामला सोशल मीडिया और मीडिया की सुर्खियों में नहीं आता तो क्या पीड़िता की तहरीर यूं ही थाने के किसी फाइलों के ढेर में दबी रहती? लोगों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर एक छात्रा की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
यह पूरा मामला एक बार फिर बताता है कि कई बार पीड़ित की आवाज तब तक नहीं सुनी जाती, जब तक मामला सार्वजनिक दबाव में न आ जाए। फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज तो कर लिया है.... लेकिन न्याय मिलने के लिए अभी ना जाने कितने ट्वीट करने होंगे?
