अलीगढ़ : संगीत के माध्यम से श्रीकृष्ण जी की भक्ति और सनातन धर्म की विशेषताएं विश्व तक पहुंचाने वाले माधवास रॉक बैंड को आयुष म्यूजिक लेबल एवं एटरनल जीनियस वन संस्था ने किया सम्मानित

अलीगढ़ : संगीत के माध्यम से श्रीकृष्ण जी की भक्ति और सनातन धर्म की विशेषताएं विश्व तक पहुंचाने वाले माधवास रॉक बैंड को आयुष म्यूजिक लेबल एवं एटरनल जीनियस वन संस्था ने किया सम्मानित
रिपो. अभिषेक चौधरी संगीत एवं आध्यात्म भारतीय संस्कृति का सुदृढ़ आधार है। भारतीय संस्कृति आध्यात्म प्रधान मानी जाती रही है। संगीत से आध्यात्म तथा मोक्ष की प्रप्ति के साथ भारतीय संगीत के प्राण भूत तत्व रागों के द्वारा मनः शांति, योग ध्यान, मानसिक रोगों की चिकित्सा आदि विशेष लाभ प्राप्त होते है। प्राचीन समय से मानव संगीत की आध्यात्मिक एवं मोहक शक्ति से प्रभावित होता आया है। भारतीय संगीत का जन्म वेद के उच्चारण में देखा जा सकता है। भारतीय संगीत का सबसे बड़ा स्रोत सामवेद को माना जाता है सामवेद पूरा का पूरा संगीत का ही ज्ञान है। संगीत का सबसे प्राचीनतम ग्रन्थ भरत मुनि का नाट्‍यशास्त्र है। अन्य ग्रन्थ हैं बृहद्‌देशी, दत्तिलम्‌, संगीतरत्नाकर। शास्त्रों में संगीत को साधना भी माना गया है। प्राचीन मनीषियों ने सृष्टि की उत्पत्ति नाद से मानी है। ब्रह्माण्ड के सम्पूर्ण जड़-चेतन में नाद व्याप्त है, इसी कारण इसे "नाद-ब्रह्म” भी कहते हैं। सुव्यवस्थित ध्वनि, जो रस की सृष्टि करे, संगीत कहलाती है। गायन, वादन व नृत्य तीनों के समावेश को संगीत कहते हैं। संगीत नाम इन तीनों के एक साथ व्यवहार से पड़ा है। यु…