पीएसी जवान ने ही रची फर्जी गोलीकांड की कहानी: अवैध असलहे से फायर होने से हुआ था घायल, दो जवानों ने दिया साथ

 

SDLive News

सीतापुर में पीएसी के जवान को गोली लगने के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। पीएसी के जवान को बदमाशों ने गोली नहीं मारी थी, बल्कि जवान के पास मौजूद अवैध असलहे से ही अचानक फायर होने से उसके पैर में गोली लग गयी थी। पीएसी जवान ने यह घटना कुबूल की है। इसे छुपाने में उसके सहयोगी रहे दो पीएसी जवान भी शामिलहैं। पुलिस ने दोनों जवानों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पीएसी सेनानायक को पत्र लिखा है। गोली लगने से घायल पीएसी के जवान का लखनऊ में इलाज चल रहा है।

यह थी पूरी घटना

मामला शहर कोतवाली इलाके के लालकुर्ती का है। यहां कानपुर की 37 वीं वाहिनी पीएसी में तैनात पीएसी के जवान आरक्षी अनूप पुत्र राजबहादुर लांग रेंज का गोल्ड मेडलिस्ट है। इस दौरान वह सीतापुर में 27 वाहिनी पीएसी में आया हुआ था। बीती देर शाम शूटिंग प्रैक्टिक्स के बाद वह अपने एक साथी पीएसी जवान के साथ बाइक से घूमने के लिए निकला था। इसी दौरान रास्ते में बाथरूम के दौरान अनूप के पास मौजूद अवैध असलहे से फायर हो गया, जिससे उसके पैर में गोली लग गयी। घायल जवान ने इस दुर्घटना को बदमाशों की हरकत बताया और अस्पताल पहुंच गया।

पुलिस ने पीड़ित के बयान दर्ज किए और एसपी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया। घटना संदेहास्पद प्रतीत हुयी तो पीड़ित से पूछताछ हुई तो उसने पूरी बात बताई। एसपी सुशील चंद्रभान ने बताया कि घायल आरक्षी ने कानूनी विभागीय कार्रवाई से बचने के लिए पूरी कहानी रची थी। दो आरक्षियों ने इसकी मदद की है। एसपी ने बताया कि दोनों आरक्षियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए पीएसी सेनानायक को पत्र लिखा है। घायल आरक्षी के खिलाफ़ भी कार्रवाई की जाएगी।

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