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यूपी | नाबालिग छात्रा की अश्लील फोटो पोस्ट करने वाला सिपाही गिरफ्तार:इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर करता था भद्दे कमेंट्स

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी सिपाही हरिओम

SDLive News

 

बरेली में तैनात सिपाही पर नाबालिग छात्रा को इंस्टाग्राम पर बदनाम करने का आरोप लगा है। आरोप है कि सिपाही ने फर्जी नाम से इंस्टाग्राम पर अकाउंट बनाया। उसके बाद छात्रा की फोटो एडिट कर उसे बदनाम किया। पीड़िता ने पूरे मामले में एसएसपी बरेली से शिकायत की। एसएसपी ने साइबर सेल से जांच कराई तो पला चला कि जिस आईडी से युवक ने छात्रा को बदनाम किया गया है, वह सिपाही की है। एसएसपी के आदेश पर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

अश्लील तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करता था

मामला बरेली के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के एक कॉलोनी का है। यहां एक 17 साल की छात्रा अपने परिवार के साथ रहती है। वह एसएससी की तैयारी कर रही है। छात्रा ने बुधवार को एसएसपी प्रभाकर चौधरी से शिकायत की थी। उसने कहा था कि किसी व्यक्ति ने इंस्टाग्राम पर उसकी फर्जी तरह से आईडी बना ली है। जिस पर वह उसकी अश्लील तस्वीरें और वीडियो पोस्ट कर उसे बदनाम कर रहा है।

उसने उसकी असली तस्वीरों और वीडियो से छेड़छाड़ की है। उसके मना करने पर भी आरोपी युवक नहीं मान रहा है। वह लगातार मैसेज भेजकर भद्दे कमेंट्स कर रहा है। छात्रा के अनुसार वह बदनामी की डर से शर्मिंदा है।

जांच करने पर सिपाही की निकली आईडी

एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने उसकी शिकायत का संज्ञान लेकर पूरे मामले की जांच कराई। साइबर सेल ने जांच की तो पाया कि इंस्टाग्राम पर जिस आईडी से छात्रा को बदनाम किया गया है। वह यूपी पुलिस के सिपाही शिव हरिओम की है। यह सिपाही बरेली पुलिस लाइन में तैनात है। 2021 के इस सिपाही ने फर्जी तरह से इंस्टाग्राम पर अपनी आईडी बनाई। नाम किसी और युवक का ओर फोटो किसी अन्य युवक का लगाया था। सिपाही बार-बार छात्रा को ब्लैकमेल कर रहा था। प्रेमनगर थाना पुलिस ने सिपाही शिव हरिओम को अरेस्ट कर लिया। गुरुवार शाम कोर्ट में पेश कर सिपाही को जेल भेज दिया गया।

भ्रष्टाचार को रोकने के लिए पांच दिन पहले ही जारी किया था व्हाट्सएप नंबर

सिपाही को जेल भेजने के मामले में एसएसपी बरेली प्रभाकर चौधरी की यह पहली कार्रवाई है। एसएसपी ने पांच दिन पहले ही थाना प्रभारी, सीओ को मीटिंग में सख्त निर्देश दिए थे कि अगर पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत या आरोपी सही पाए गये तो मुकदमा लिखने के साथ गिरफ्तारी भी की जाएगी। भ्रष्टाचार को रोकने के लिए पांच दिन पहले ही उन्होंने एक व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया था।

एसएसपी ने कहा था की पुलिसकर्मियों पर अवैध पैसा मांगने, शिकायत, धमकाने, पासपोर्ट जांच में पैसा मांगने या एफआईआर दर्ज करने या जांच में कोई पुलिसकर्मी परेशान करता है या धन उगाही करता है तो इस नंबर पर सूचना दें। जांच में यदि शिकायत सही पाई गई तो एक्शन कराया जाएगा।

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