दरोगा रिश्वत लेते गिरफ्तार: पड़ोसी से मारपीट हुई थी, मुकदमे में एफआर लगाने के मांगे 20 हजार

निखिल शर्मा
मेरठ में यूपी पुलिस के दरोगा को एंटी करप्शन की टीम ने रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। दरोगा का नाम आशुतोष है। जिसने महबूब नाम के आदमी से मुकदमे में एफआर लगाने के नाम पर 20 हजार रुपए मांगे थे। दरोगा आशुतोष को एंटी करप्शन टीम ने आज 20 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए अरेस्ट किया है।

दरोगा सरुरपुर थाने की खिवाई चौकी पर इंचार्ज है। मारपीट के मुकदमे में एफआर लगाने पर रिश्वत मांगी थी। दरोगा पर रोहटा थाने में एंटी करप्शन टीम ने मुकदमा दर्ज कराया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि गांव में कुछ झगड़ा हुआ था। 11 जून को इसमें मुकदमा लिखा गया। दरोगा आशुतोष ने एफआर लगाने के लिए 20 हजार रुपए मांगे थे। पैसे देने से मना किया तो उन्होंने कहा बिना पैसे दिए एफआर नहीं लगेगी। इसके बाद एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी। टीम ने आज दरोगा को रिश्वत लेते हुए अरेस्ट किया है।

पीड़ित महबूब ने बताया कि उसका साला किसी लड़की को लेकर कहीं चला गया था। लेकिन इस मामले में पीड़ित पक्ष ने मकबूल पर बेवजह मुकदमा कराया था। बाद में उससे डेढ़ लाख रुपए भी ले लिए। जब महबूब ने पुलिस से शिकायत की तो उन लोगों ने कुछ रुपया वापस कर दिया लेकिन बाकी पैसे नहीं दिए। इसको लेकर लगातार वो शिकायत कर रहा था। तभी 11 जून के आसपास उन लोगों ने मारपीट कर दी। इसी मामले में एफआर लगाने के लिए दरोगा आशुतोष ने 20हजार रुपए मांगे थे।

14 महीने की नौकरी और शुरू कर दी वसूली

दरोगा आशुतोष ने मार्च 2023 में नौकरी ज्वाइन की थी। उसे नौकरी मे आए कुल 14 महीने ही हुए थे। इतनी छोटी सी नौकरी में ही उसे भ्रष्टाचार की आदत पड़ गई और वसूली शुरू कर दी।

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