मुस्लिम समाज में क्या है महिला खतना प्रथा-? बेदर्दी से काटकर फेंक दिया जाता महिलाओं के शरीर का ये महत्वपूर्ण अंग

मुस्लिम समाज में क्या है महिला खतना प्रथा-? बेदर्दी से काटकर फेंक दिया जाता महिलाओं के शरीर का ये महत्वपूर्ण अंग
महिलाओं के अधिकार और स्वतंत्रता को लेकर समय-समय पर नई बहसें छिड़ती रहती हैं। खासतौर पर मुस्लिम महिलाओं की स्थिति को लेकर दुनिया में अलग-अलग विचारधाराएं सामने आती हैं। कई लोग इसे कुप्रथाओं में जकड़ा हुआ मानते हैं, तो कुछ इसे उनके धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों का हिस्सा बताते हैं। हाल के दिनों में महिलाओं के खतना (Female Genital Mutilation, FGM) को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। पॉप फ्रांसिस का बयान और खतना की सच्चाई ईसाई धर्म के सर्वोच्च धर्मगुरु पॉप फ्रांसिस ने हाल ही में महिलाओं के खतना को "अपराध" बताते हुए इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन करार दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों, समानता और अवसरों के लिए यह लड़ाई जारी रहनी चाहिए। उनके इस बयान ने महिलाओं के खतना की दर्दनाक प्रक्रिया और इसे खत्म करने की जरूरत पर वैश्विक बहस छेड़ दी है। क्या है महिलाओं का खतना? महिलाओं का खतना एक रूढ़िवादी प्रथा है, जिसमें महिलाओं के बाहरी जननांगों को काटा जाता है। यह न केवल एक शारीरिक रूप से दर्दनाक प्रक्रिया है, बल्कि इसके मानसिक और सामाजिक प्रभाव भी गंभीर होते हैं। कुछ रूढ़िवादी समुदाय …