अलीगढ़ के हरदुआगंज में सिर फटा, खून बहा, रुपये लुटे – पुलिस ने लिखा ही नहीं; क्या यही है यूपी मॉडल
अलीगढ़ के हरदुआगंज में सिर फटा, खून बहा, रुपये लुटे – पुलिस ने लिखा ही नहीं; क्या यही है यूपी मॉडल हरदुआगंज, अलीगढ़। उत्तर प्रदेश में अपराध से लड़ना मुश्किल है, लेकिन उससे ज़्यादा खतरनाक है उस अपराध को "काग़ज़ों पर साबित" करने की कोशिश करना — क्योंकि तब सामने आता है पुलिस का वो चेहरा, जो लाठी से नहीं, कलम से इंसाफ की हत्या करता है। बुलंदशहर के गांव सतोहा निवासी पवन, बुधवार रात अपने मौसा मलुकचंद से मिलने हरदुआगंज के गांव भूतपुरा आया था। रामघाट रोड स्थित दोस्त से मिलने जाते समय साधुआश्रम-कासिमपुर रोड पर तीन बाइक सवार बदमाशों ने उस पर हमला कर दिया। पीछे से झपट्टा मारकर दबोचा गया, फिर डंडे बरसाए गए — सिर फटा, हाथ और कंधे पर छह जगह गंभीर चोटें आईं। जेब से 1800 रुपये लूट लिए गए , मोबाइल भी छीनने की कोशिश हुई। पवन किसी तरह जान बचाकर उखलाना गांव की ओर भागा, ग्रामीणों ने देखा, पुलिस को बुलाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद उसे थाने ले जाया गया — लेकिन वहीं असली खेल शुरू हुआ। पुलिस की स्क्रिप्ट बनाम पीड़ित की सच्चाई पवन का साफ आरोप है कि पुलिस ने FIR खुद तैयार की — उससे तहरीर नहीं लिखवाई गई। उसे कहा गया, “ सब लिख दिया है ”, और दस्तखत करवा लिए गए । लेकिन जब अगले दिन FIR की कॉपी देखी तो उसमें लूट …