मुफ्ती-ए-आजम का बड़ा फैसला: वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ फतवा जारी, कहा—'गरीबों का हक मारना हराम'

मुफ्ती-ए-आजम का बड़ा फैसला: वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ फतवा जारी, कहा—'गरीबों का हक मारना हराम'
अलीगढ़। वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और उनके सही इस्तेमाल को लेकर मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता के शाही चीफ मुफ्ती चौधरी इरफाहिम हुसैन ने एक ऐतिहासिक और साहसी कदम उठाया है। मुफ्ती साहब ने वक्फ की जमीनों पर अवैध कब्जे और निजी स्वार्थ के लिए किए जा रहे दुरुपयोग के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए 'फतवा' जारी कर दिया है। ​शरीयत के खिलाफ है वक्फ पर कब्जा ​सिविल लाइन स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों से रूबरू होते हुए शाही चीफ मुफ्ती इरफाहिम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वक्फ की संपत्तियां किसी व्यक्ति की निजी जागीर नहीं, बल्कि अल्लाह की राह में दी गई वह अमानत हैं जो समाज के गरीब, बेसहारा और जरूरतमंदों के कल्याण के लिए होती हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा: ​"वक्फ की जमीन को हथियाना या उसका गलत इस्तेमाल करना शरीयत के नजरिए से पूरी तरह 'हराम' है। जो लोग ऐसा कर रहे हैं, वे न केवल कानून बल्कि खुदा के भी गुनहगार हैं और सख्त सजा के हकदार हैं।" ​दोषियों से अपील: 'गलती सुधारें और कब्जा छोड़ें' ​मुफ्ती साहब ने इस दौरान संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उन लोगों से अपील भी की, जिन्होंने…