![]() |
| आरोपी के घर में मौजूद लूट का टेम्पो व मौके पर मौजूद पुलिस व आरोपी |
अलीगढ़। थाना हरदुआगंज क्षेत्र के
ग्राम खान आलमपुर निवासी लक्ष्मी पत्नी हरपाल ने ग्राम प्रधानपति और उसके भाइयों
पर गंभीर आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय एवं राज्य मानवाधिकार आयोग व प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित अन्य अधिकारियों से न्याय की गुहार
लगाई है। पीड़िता का कहना है कि लगातार उत्पीड़न, पुलिस की निष्क्रियता और आजीविका छिन
जाने के कारण उनका परिवार अब बेहद दयनीय स्थिति में पहुंच चुका है।
प्रार्थना पत्र
के अनुसार, लक्ष्मी के पति पेशे से ड्राइवर हैं और उन्होंने कर्ज लेकर एक लोडर पिकअप
वाहन किश्तों पर खरीदा था, जिससे परिवार का पालन-पोषण होता था। आरोप है
कि गांव के ही ग्राम प्रधानपति मोनी व उसके भाई बृजेश (लेखपाल) और कपिल ने जबरन
उनके घर में घुसकर गाली-गलौज की, मारपीट की और उनकी पिकअप
गाड़ी को लूटकर ले गए
इस संबंध में
थाना हरदुआगंज में मुकदमा अपराध संख्या 0624/2025
दर्ज है, लेकिन पीड़िता का आरोप है कि अब तक
किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। परिवार का कहना है कि आरोपियों द्वारा
लगातार धमकियां दी जा रही हैं, जिससे भय का माहौल बना हुआ
है।
पीड़ित पक्ष के
अनुसार, बार-बार शिकायत करने के बाद पुलिस ने पिकअप वाहन को कपिल पुत्र छीतर सिंह
के घर से बरामद किया। हालांकि, बरामदगी के समय आरोपी भी
मौजूद था, इसके बावजूद पुलिस द्वारा कोई गिरफ्तारी नहीं की
गई। परिवार का यह भी कहना है कि बरामदगी के समय के फोटो भी उनके पास मौजूद हैं।
लक्ष्मी के
मुताबिक, लगभग 8 महीने तक वाहन आरोपियों के कब्जे और बाद में
थाने में खड़ा रहा, जिससे उसकी स्थिति खराब हो गई और वह लगभग
कबाड़ बन गया। इस दौरान वाहन की किस्तें भी नहीं भरी जा सकीं। बाद में जब वाहन को
काम पर ले जाने का प्रयास किया गया, तो रास्ते में फाइनेंस
कर्मियों द्वारा उसे अपने कब्जे में ले लिया गया।
पीड़िता का कहना
है कि इस पूरी घटना के बाद उनका परिवार आर्थिक संकट में फंस गया है और वर्तमान में
उनके सामने आजीविका का कोई साधन नहीं बचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर दबंगों
द्वारा लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है,
वहीं दूसरी ओर थाना पुलिस भी उनकी शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई
नहीं कर रही है।
ये तारीखें ध्यान देने के लिए हैं क्योंकि अगली बारी आपकी हो सकती है...
परिवार ने आरोप
लगाया है कि उन्होंने 31/10/2021
को किस्तों पर एक टेम्पो खरीदा था, जो उनके
परिवार की आजीविका का एकमात्र साधन था। 09/08/2025 को उक्त
टेम्पो को गांव के ही कुछ लोगों द्वारा लूट लिया गया। इस संबंध में 13/12/2025
को थाना हरदुआगंज में मुकदमा दर्ज किया गया। पीड़ित परिवार का कहना
है कि 25/12/2025 को पुलिस ने टेम्पो को आरोपी के घर से ही
बरामद किया, लेकिन इसके बावजूद किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी
नहीं की गई। आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों से साठगांठ कर मुकदमे से लूट की धाराओं
को भी हटा दिया। परिवार ने 31/01/2026 को किसी तरह थाने से
टेम्पो छुड़ाया, लेकिन अगले ही दिन 01/02/2026 को फाइनेंस/इंश्योरेंस कर्मियों ने उसे अपने कब्जे में ले लिया। पीड़ित ने
यह भी आरोप लगाया कि एक दरोगा का फोन आया, जिसने अपना नाम
धीरेन्द्र बताया और कहा कि “कोर्ट से आदेश आए हैं कि तुम्हारे
खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।” हरपाल का कहना है कि उन्होंने 3
बार एसएसपी व 5 बार सीओ के समक्ष मदद की गुहार
लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। परिवार का आरोप है कि थाना
जाने पर पुलिस उनके साथ गाली-गलौज करती है और टॉर्चर करती है, जिसके चलते अब वह थाने जाने से भी डरते हैं।
लक्ष्मी ने अपने
प्रार्थना पत्र में कहा है कि यदि उन्हें शीघ्र न्याय नहीं मिला, दोषियों के खिलाफ
सख्त कार्रवाई नहीं हुई और परिवार को सुरक्षा प्रदान नहीं की गई, तो वे अपने डेढ़ वर्षीय पुत्री सहित पूरे परिवार के साथ आत्मदाह करने को
मजबूर होंगी।
पीड़िता ने
मानवाधिकार आयोग सहित अन्य मुख्य अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी, परिवार की सुरक्षा
और आजीविका बहाल कराने के लिए आवश्यक सहायता दिलाए जाने की मांग की है।
वहीँ पूरे मामले में प्रधानपति ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि युवक व उसकी पत्नी द्वारा लगाये गए आरोप गलत हैं युवक पर उनका कर्जा है जिसे वो चुकाने में असमर्थ है इसलिए इस तरह की मनगढ़ंत कहानिया रच रहा है लेकिन वहीँ प्रधानपति ने तयेरे भाई के यहाँ से लूट के टेम्पो की बरामदगी को लेकर खुद पीड़ित परिवार पर आरोप लगाएं हैं
प्रधानपति के आरोप ऐसे हैं कि पीड़ित ने खुद ही टेम्पो आरोपी के सुपुर्द किया है



