ना कोई रजिस्ट्री, ना कोई स्टांप, ना किरायेदारी का कागज, ना कोई हकदारी — फिर भी विभाग ने कह दिया "कनेक्शन ओके"पदम शर्मा का कहना है कि वह खुद आधे हिस्से में बने कमरों में रहते हैं और बाकी हिस्से पर सावित्री देवी नामक महिला ने बिना मालिकाना अधिकार दावा ठोक दिया। पदम के मुताबिक, पुलिस ने दोनों पक्षों से कागजात मांगे थे — लेकिन महिला कोई वैध दस्तावेज तक नहीं दे सकी।
बिना जांच, बिना सत्यापन — 27 मई को मीटर लगा दिया गया
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब महिला के पास एक भी वैध दस्तावेज नहीं था, तो 27 मई 2025 को हरदुआगंज बिजली सबस्टेशन ने किस आधार पर कनेक्शन मंजूर कर दिया?
पदम का दावा है कि जेई और अवर अभियंता ने पांच लाख की रिश्वत लेकर सावित्री देवी के पक्ष में बिजली कनेक्शन स्वीकृत कर दिया — और अब वह महिला बिजली बिल की रसीदें दिखाकर पूरे मकान पर हक जताने की कोशिश में है।
पीड़ित के पास हैं तमाम प्रमाण, फिर भी विभाग कर रहा है अनदेखी
पदम शर्मा ने नगर पंचायत से जारी निवास प्रमाण पत्र,
हाउस टैक्स की रसीद,
और बिजली विभाग को अपने वैध दस्तावेज सौंपे हैं।
इसके बावजूद विभाग न फील्ड में जांच करता है, न दस्तावेज देखता है — बस “जहां सेटिंग वहां मीटर” का फार्मूला चला रहा है। पदम शर्मा ने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की तो अधिकारियों द्वारा नगर पंचायत से लिखे हुए निवास प्रमाण पत्र को ही मुख्य दस्तावेज मानते हुए कनेक्शन देने का हवाला दे डाला। अब पीड़ित अपनी ही जमीन को अपना साबित करने के लिए इधर उधर भटक रहा है।
