इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अलीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें अदालत के आदेश की अवहेलना के मामले में तलब किया है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि संबंधित अधिकारी 13 अप्रैल तक व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखें।
यह मामला याची योगेश कुमार की याचिका से जुड़ा है। योगेश कुमार पर एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज दो मुकदमों को उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक भी लगा दी थी, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय पुलिस प्रशासन ने आदेश का पूरी तरह पालन नहीं किया।
अदालत ने इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए कहा कि न तो आदेश का अनुपालन हुआ और न ही समय पर जवाबी हलफनामा दाखिल किया गया। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए कोर्ट ने SSP से जवाब तलब किया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रमुख यानी डीजीपी को भी निर्देश दिया है कि वे संबंधित SSP के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
यह घटनाक्रम साफ संकेत देता है कि न्यायालय के आदेशों की अनदेखी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चाहे पद कितना भी ऊंचा क्यों न हो, कानून के दायरे में सभी बराबर हैं और जवाबदेही तय होना तय है।
