सरकारी स्कूल की ज़मीन पर कब्जा: शिक्षक और पूर्व प्रधान की दोहरी पहचान ने खोली प्रशासन की पोल
सरकारी स्कूल की ज़मीन पर कब्जा: शिक्षक और पूर्व प्रधान की दोहरी पहचान ने खोली प्रशासन की पोल 📍 स्थान: बैरामद, करारी, ज़िला कौशांबी 🗓️ तारीख: 26 जून 2025 ✍️ विनय श्रीवास्तव की विशेष रिपोर्ट | समाचार दर्पण लाइव 🟥 घोटाला या सिस्टम का ढीला शिकंजा? कौशांबी के बैरामद गांव में सरकारी स्कूल की ज़मीन पर अवैध कब्जे और पहचान की दोहरी बाज़ीगरी ने प्रशासनिक तंत्र की साख पर गहरा सवालिया निशान लगा दिया है। जिनके कंधों पर शिक्षा और न्याय की जिम्मेदारी थी, वही अब ज़मीन हथियाने और पहचान छुपाने के आरोपी बन चुके हैं। 📌 मामला क्या है? ग्राम बैसाँवा स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय की 0.2850 हेक्टेयर शासकीय भूमि, जहाँ छात्र-छात्राओं के लिए शौचालय निर्माण प्रस्तावित था — आज वहाँ झोपड़ियां और अवैध निर्माण खड़े हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर राजस्व विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया और पाया कि ज़मीन पर कब्जा वास्तविक है। पर इस कब्जे की जड़ में छिपे हैं — विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजेश मिश्रा और पूर्व प्रधान कौशलेंद्र ओझा । 👤 आरोपी कौन हैं? राजेश मिश्रा – प्रधानाध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय बैसाँवा
👉 शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी का किया दुरुपयोग, कब्जे में रहे सक्रिय कौशलेंद्र ओझा उर्फ शिवशंकर ओझा – पूर्व ग…