अलीगढ : कौन हैं अभिषेक सक्सैना ! आखिर क्यों कहा ये पत्रकार नहीं, ब्लैकमेलर हैं, जानिये पूरा मामला



अलीगढ़। जिला मलखान सिंह चिकित्सालय में एक वीडियो को लेकर शुरू हुआ विवाद अब दो पक्षों के आमने-सामने आने तक पहुंच गया है। एक ओर समाजसेवी संस्था सनातन प्रतिभा फाउंडेशन के संस्थापक अभिषेक सक्सैना सनातनी हैं, तो दूसरी ओर एक महिला पत्रकार और उनका भाई। दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। बताया गया कि अस्पताल की एक महिला कर्मचारी ने अपने घर में बिजली न होने की वजह से अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटी अस्पताल परिसर में चार्ज कर ली। इसी दौरान उस घटना का वीडियो बना लिया गया।

यहीं से विवाद की शुरुआत हुई।


कैसे जुड़े अभिषेक सक्सैना?

संयोग से उसी दौरान अभिषेक सक्सैना अस्पताल में मौजूद थे। उन्होंने बताया कि वह पहले ही रक्तदान कर चुके थे और अपनी तबीयत खराब होने के चलते डॉक्टर को दिखाने पहुंचे थे। वहीं उन्हें इस कथित वसूली का पता चला।

अभिषेक ने महिला कर्मचारी को साफ सलाह दी— “डरने की जरूरत नहीं, एक रुपया भी मत दो।”

बस, यहीं से कहानी पलट गई।

समाजसेवी पक्ष क्या कह रहा है:-

अभिषेक सक्सैना के मुताबिक—

  • महिला कर्मचारी की मजबूरी का फायदा उठाया गया
  • वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 23,600 रुपये की मांग की गई
  • जब उन्होंने बीच में आकर कर्मचारी को पैसे न देने की सलाह दी, तो माहौल बिगड़ गया

उनका आरोप है कि पैसे न मिलने पर उन्हें फोन कर थाना सासनी गेट बुलाने और भविष्य खराब करने की धमकी दी गई, साथ ही वीडियो को कथित तौर पर मनगढ़ंत बातें जोड़कर वायरल कर दिया गया। इसी आधार पर उन्होंने ऐसे लोगों को “पत्रकार नहीं, ब्लैकमेलर” बताया और पुलिस में शिकायत करने की बात कही है।

अब जानिए पत्रकार पक्ष क्या कह रहा है:-

वहीं, पत्रकार पक्ष इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करता है। उनका कहना है—

  • उन्होंने सिर्फ एक सरकारी अस्पताल में संसाधनों के निजी उपयोग की खबर कवर की
  • किसी तरह की वसूली या धमकी नहीं दी गई
  • उल्टा, वीडियो को दबाने के लिए अभिषेक सक्सैना ने ही उन पर दबाव बनाया और पैसे देने की बात कही, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया
  • पत्रकार पक्ष ने यह भी माना कि कॉल की गई थी, लेकिन धमकी देने की बात को पूरी तरह गलत बताया।

क्यों कहा “ब्लैकमेलर”?

अभिषेक सक्सैना का कहना है कि—

  • मजबूरी में की गई छोटी सी गलती को हथियार बनाया गया
  • वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगे गए
  • पैसे न मिलने पर धमकी और बदनाम करने की कोशिश की गई
  • इन्हीं वजहों से उन्होंने गुस्से में आकर ऐसे लोगों को “पत्रकार नहीं, ब्लैकमेलर” बताया।

अब स्थिति क्या है

इस पूरे मामले में फिलहाल—

  • एक तरफ ब्लैकमेलिंग और वसूली के आरोप हैं
  • दूसरी तरफ पत्रकारिता के तहत खबर कवर करने का दावा
  • दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं और एक-दूसरे के आरोपों को बेबुनियाद बता रहे हैं।

कौन हैं अभिषेक सक्सैना “सनातनी”?

अलीगढ़ में बीते कुछ समय से “अभिषेक सक्सैना सनातनी” नाम तेजी से उभरकर सामने आया है। सनातन संस्कृति के प्रति अपनी गहरी आस्था और जुड़ाव के चलते अभिषेक सक्सैना ने स्थानीय स्तर पर एक अलग पहचान बनाई है।

वे “Sanatan Pratibha Foundation” सनातन प्रतिभा फाउंडेशन के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं। समय-समय पर आयोजित होने वाले भजन-कीर्तन, पदयात्राएं और जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए वे लोगों को अपनी परंपराओं से जोड़ने की कोशिश करते नजर आते हैं।

सोशल मीडिया पर भी उनकी सक्रियता उन्हें युवाओं के बीच लोकप्रिय बना रही है। अपने विचारों और गतिविधियों के माध्यम से वे सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता फैलाने और समाज में सकारात्मक ऊर्जा लाने का संदेश देते हैं।

अपडेट...........

मामले में महिला पत्रकार की तहरीर पर थाना सासनी गेट पुलिस ने अभिषेक सक्सैना के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है |