अलीगढ़ जिले में इस बार मौसम किसानों के लिए लगातार मुसीबत बनता जा रहा है। शुक्रवार शाम अचानक बदले मौसम ने खेतों में खड़ी और कटी—दोनों तरह की गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया। तेज हवा के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि ने कुछ ही मिनटों में किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया।
गोंडा, हरदुआगंज, खैर, इगलास, लोधा और जलाली क्षेत्रों में करीब 10 से 15 मिनट तक तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई। इसका सबसे ज्यादा असर गेहूं की पकी हुई फसल पर पड़ा। जो फसल खेतों में खड़ी थी, उसकी बालियां ओलों की मार से टूटकर जमीन पर गिर गईं, वहीं जो फसल कट चुकी थी वह भीगकर खराब होने लगी।
गोंडा क्षेत्र के तारापुर, तलेसरा और गुर्ज नगरिया गांवों में किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल पूरी तरह तैयार थी और कटाई शुरू हो चुकी थी। लेकिन अचानक आई ओलावृष्टि ने हालात बिगाड़ दिए। बालियां टूटने से पैदावार पर असर पड़ेगा और दाने की गुणवत्ता भी खराब हो जाएगी। साथ ही भूसा काला पड़ने की आशंका भी बढ़ गई है।
पिछले दो हफ्तों से लगातार बिगड़ते मौसम, आंधी और बारिश ने पहले ही फसल को नुकसान पहुंचाया था। कई जगह फसल गिर चुकी थी और किसान जैसे ही कटाई में जुटे, मौसम ने फिर से झटका दे दिया।
जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र सिंह चौधरी ने किसानों से अपील की है कि जिन किसानों ने फसल बीमा कराया है, वे तुरंत टोल फ्री नंबर 14447 पर अपने नुकसान की सूचना दर्ज कराएं। उन्होंने बताया कि यदि कटी हुई फसल खलिहान में रखी है और बारिश या ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है, तो 14 दिनों के अंदर सूचना देने पर बीमा कवर का लाभ मिल सकेगा।