ट्रेन में गुम हुआ ‘अमित’, ज़िंदगी ने छीन लिया मुसाफ़िर: तानों से टूटा रिश्ता, सिस्टम से टूटा इंसान
ट्रेन में गुम हुआ ‘अमित’, ज़िंदगी ने छीन लिया मुसाफ़िर: तानों से टूटा रिश्ता, सिस्टम से टूटा इंसान
नई दिल्ली | 26 जून 2025 | विशेष रिपोर्ट | लेखक: निखिल शर्मा "कभी-कभी लोग मुस्कुरा कर भी रोते हैं... और किसी को पता भी नहीं चलता कि वो खो चुके हैं…"
04088 पटना सुपरफास्ट एक्सप्रेस में 26 जून की सुबह एक मुसाफ़िर चुपचाप गुम हो गया। सीट नंबर तो थी, पर मुसाफ़िर नहीं... नाम था अमित कुमार उर्फ़ ऋषि श्रीवास्तव । उम्र बस इतनी कि अभी हौसलों को उड़ान भरनी थी, लेकिन ज़िंदगी की पटरी ने अचानक मोड़ बदल लिया — ऐसा मोड़, जहां से कोई वापसी नहीं।
“गाड़ी चली, लेकिन अमित नहीं लौटा…”
दिल्ली से कानपुर के सफर पर निकले अमित अपनी पत्नी अंजली के साथ थे। खुर्जा स्टेशन से महज 20 मिनट पहले उन्होंने अंजली को पानी लाने भेजा, और खुद—कहीं खो गए। जब अंजली लौटीं, तो अमित नज़र नहीं आए। सीट पर एक अजीब सी ख़ामोशी बैठी थी, जैसे कुछ टूट गया हो।
अंजली घबराईं, ट्रेन से उतरीं और स्थानीय सिपाही अंकित तोमर से मदद मांगी। तुरंत कार्रवाई हुई, अंजली दोबारा ट्रेन में चढ़ाईं गईं, पर उस डिब्बे में अमित नाम की कहानी अब अधूरी रह गई।
कुछ दिन पहले की भी एक अधूरी वापसी…
21 जून को भी अमित और अंजली एक बार पहले दिल्ली से पंडित दीन द…