डॉ. गरिमा गुप्ता केस: झूठी FIR का खेल, सिस्टम की नाकामी और एक पूर्व नौसेना अधिकारी का टूटा परिवार — अब उठी CBI जांच की मांग
डॉ. गरिमा गुप्ता केस: झूठी FIR का खेल, सिस्टम की नाकामी और एक पूर्व नौसेना अधिकारी का टूटा परिवार — अब उठी CBI जांच की मांग रिपोर्टर: विनय कुमार श्रीवास्तव | विशेष रिपोर्ट | जनता बनाम सिस्टम आगरा: यह कोई साधारण पारिवारिक विवाद नहीं, यह उस सिस्टम की सड़ांध की कहानी है जहाँ एक महिला डॉक्टर, उसके पति और उनके रसूख के दम पर एक पूर्व नौसेना अधिकारी व उसके परिवार को न सिर्फ मानसिक रूप से तबाह किया गया, बल्कि कानून को कठपुतली की तरह नचाया गया। मित्रता का जाल, धोखे की बुनियाद भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त एयरोनॉटिकल इंजीनियर महेश कुमार सिंह और उनकी पत्नी गौरी सिंह का जीवन तब तहस-नहस हो गया, जब उन्होंने आगरा की चर्चित समाजसेवी और 'शक्ति – ब्रज प्रांत' की उपाध्यक्ष डॉ. गरिमा गुप्ता और उनके पति डॉ. भूपेंद्र पर भरोसा किया। इस विश्वास के बदले उन्हें मिला — आर्थिक शोषण, भावनात्मक धोखा, और सिस्टम का क्रूरतम चेहरा। लाखों की ठगी, बीमारी की मजबूरी डॉ. गरिमा और उनके पति ने ‘मित्रता’ की आड़ में महेश सिंह से लाखों रुपये ठगे। कभी मेडिकल पढ़ाई के नाम पर, तो कभी विदेश यात्रा और निजी खर्चों के लिए। महेश सिंह, जो उस समय खुद गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे, एक-एक करके अपनी पूंजी खोते चले गए। सच्चाई तब उजागर हुई जब दिल टूटा सितं…